वांछित ऋण राशि क्या है?

A loan to value (LTV) ratio से हमें पता चलता है की लोन देने वाला सम्पति के बदले कितना उधार दे सकता है। सम्पति का मूल्य का आंकलन किया जाता है और फिर लोन देने वाली बैंक या फर्म कितना लोन राशि देती है। एक ऋण से मूल्य (एलटीवी) अनुपात दर्शाता है कि एक उधारकर्ता एक लेनदार को प्राप्त संपत्ति का कितना मूल्य उसे उधार देने के लिए तैयार है।

सबसे पहले आपको सुनिश्चित करना होगा कि कोनसा ऋण लेना है। ऋण के कई प्रकार होते है। जैसे आप अपने कार्य के लिए लिया जाने वाला ऋण, व्यवसाय ऋण और व्यक्तिगत कार्य के लिए लिया जाने वाला ऋण, व्यक्तिगत ऋण कहलाता है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा की भारत में सबसे ज्यादा लिया जाने वाला ऋण यही है जो अपनी इच्छा की पूर्ति करता है। जीवन में जरुरत पड़ती रहती है इसलिए छोटे – छोटे कार्य के लिए छोटी राशि तुरंत मिल जाती है।

अगर आपको भारत में मिलने वाले ऋण की जानकरी लेनी हो तो बिज़नेस लोन के प्रकार, पर्सनल लोन के प्रकार, एजुकेशन लोन के प्रकार, होम लोन के प्रकार, और सरकारी लोन के बारे में यहां से पढ़ सकते है।

वांछित ऋण

वांछित ऋण क्या है?

आपको जितनी राशि की जरुरत होती है उतनी ऋण की राशि लेना चाहेंगे, परन्तु लोन देने वाले पर निर्भर करता है कि वो आपके द्वारा ऋण के बदले छोड़ी जाने वाली सम्पति का मूल्य का आंकलन करते है फिर ऋण की राशि दी जाती है।

वांछित ऋण पर ब्याज

वांछित ऋण पर लगने वाला ब्याज कम या ज्यादा हो सकता है। कम राशि या अधिक राशि हो सकती है, परन्तु ऋण पर ब्याज उस सम्पति के मूल्य और भविष्य में होने वाले विकास या सम्पति के भविष्य में मिलने वाले मूल्य के आधार पर तय होती है।

वांछित ऋण की राशि पर ब्याज दर बाजार और सम्पति की स्थिति पर निर्भर करता है।

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